Faridabad: निजी अस्पताल की Ambulance में हुआ गैंगरेप, CCTV से ट्रेस हुई गाड़ी

  • पीड़िता को हरसंभव मदद मिलेगी:  Renu Bhatia
  • पीड़िता की बहन ने एंबुलेंस में वारदात का दावा किया
  • पीड़िता से मिलने नहीं दिया जा रहा, इलाज के पैसों का दबाव: बहन का आरोप
  • शिनाख्त परेड की तैयारी, ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में होगी प्रक्रिया
  • आरोपी मथुरा और झांसी के निवासी, फिलहाल Faridabad में रह रहे थे
  • पुलिस का दावा— जांच पुख्ता, आरोपियों को सजा दिलाने के पर्याप्त सबूत

फरीदाबाद। ऑटो का इंतजार कर रही महिला के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में शनिवार को एक नया और चौंकाने वाला दावा सामने आया है। पीड़िता की बहन ने कहा है कि वारदात Eco Van में नहीं, बल्कि एक निजी अस्पताल की Ambulance में हुई थी। इस बयान ने पुलिस जांच की दिशा और निष्कर्षों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ईको वैन नहीं, एंबुलेंस में वारदात का आरोप

पीड़िता की बहन के अनुसार, जिस वाहन में अपराध हुआ वह एंबुलेंस थी और वह एक निजी अस्पताल से जुड़ी थी। जबकि पुलिस ने इस मामले में एक Eco Van को बरामद किया है और उसी को अपराध में प्रयुक्त वाहन बताया जा रहा है। दोनों बयानों के बीच विरोधाभास ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।

पीड़िता से मिलने पर रोक का आरोप

पीड़िता की बहन ने यह भी आरोप लगाया है कि उसे अपनी घायल बहन से मिलने नहीं दिया जा रहा। जब भी वह अस्पताल जाती है, तो अस्पताल प्रबंधन यह कहकर रोक देता है कि पुलिस ने पीड़िता को किसी से मिलने की अनुमति नहीं दी है। इससे परिवार को पीड़िता की हालत की सही जानकारी भी नहीं मिल पा रही है।

इलाज के खर्च को लेकर बढ़ी चिंता

परिवार का कहना है कि उन्हें कहीं से भी आर्थिक मदद नहीं मिल रही है, जबकि जिस निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है, वहां इलाज के पैसे जमा कराने का दबाव बनाया जा रहा है। इस स्थिति ने पीड़िता के परिजनों की परेशानी और बढ़ा दी है।

पुलिस और महिला आयोग का पक्ष

पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि मामले की जांच पूरी तरह पुख्ता है और हर पहलू को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जा रही है।
वहीं, हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष Renu Bhatia ने कहा है कि पीड़िता की हर संभव मदद की जा रही है और उसके इलाज में भी सहयोग सुनिश्चित कराया जाएगा।

शिनाख्त परेड की तैयारी

पुलिस अब आरोपियों की Identification Parade कराने की तैयारी में है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर बिना रिमांड जेल भेज दिया गया है। जांच अधिकारी के अनुसार, जैसे ही डॉक्टर पीड़िता को फिट घोषित करेंगे, उसे नीमका जेल ले जाकर शिनाख्त कराई जाएगी। यह प्रक्रिया ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में होगी, जिसमें जेल अधीक्षक और जांच अधिकारी भी शामिल रहेंगे।

CCTV से आरोपियों तक पहुंची पुलिस

बताया गया है कि सोमवार रात हुई इस वारदात के बाद Crime Branch-48 ने करीब आठ किलोमीटर लंबे रूट पर 50 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी के आधार पर आरोपियों की गाड़ी का नंबर ट्रेस किया गया और दोनों को गिरफ्तार किया गया। एक आरोपी मूल रूप से मथुरा और दूसरा झांसी का निवासी है, जो फिलहाल Faridabad में रह रहे थे।

 

 

 

Visited 149 times, 8 visit(s) today

Related posts

Leave a Comment