फरीदाबाद। जिले में बढ़ती ठंड और शीतलहर के प्रभाव को देखते हुए हरियाणा राज्य राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों के लिए एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। जिला उपायुक्त DC Ayush Sinha ने आमजन से सतर्क रहने और शीतलहर से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है, इसलिए प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है।
शीतलहर के दौरान घर में रहना सबसे सुरक्षित
डीसी आयुष सिन्हा ने कहा कि शीतलहर के समय यथासंभव घर के अंदर ही रहें और ठंडी हवा के सीधे संपर्क से बचें। अनावश्यक यात्रा को कम करें और मौसम से जुड़ी जानकारी के लिए Radio और अन्य मीडिया माध्यमों पर नियमित नजर बनाए रखें।
उन्होंने विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और अकेले रहने वाले लोगों की देखभाल पर जोर दिया। पड़ोस में रहने वाले बुजुर्गों का हालचाल पूछते रहना सामाजिक जिम्मेदारी है।
सही कपड़े पहनना बेहद जरूरी
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ठंड से बचाव के लिए एक परत वाले कपड़ों की बजाय ढीली फिटिंग वाले परतदार हल्के कपड़े पहनें। बाहरी परत Air Resistant Cotton की होनी चाहिए, जबकि अंदर गर्म ऊनी कपड़े पहनना लाभदायक होता है।
शरीर की गर्मी बनाए रखने के लिए टोपी पहनना आवश्यक है, क्योंकि सिर के ऊपरी हिस्से से शरीर की गर्मी तेजी से निकलती है। इसके साथ ही जलरोधी जूते पहनें और फेफड़ों की सुरक्षा के लिए मुंह को ढककर रखें।
गर्म तरल पदार्थ और पोष्टिक आहार पर दें ध्यान
डीसी ने कहा कि ठंड के मौसम में नियमित रूप से गर्म तरल पदार्थ पीना चाहिए। इससे शरीर की गर्मी बनी रहती है और ठंड से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।
उन्होंने पोष्टिक आहार लेने और शरीर में उष्मा के प्रवाह को बनाए रखने की सलाह दी। ठंड के दौरान Alcohol का सेवन करने से बचें, क्योंकि इससे निर्जलीकरण का खतरा बढ़ता है।
शीतदंश और Hypothermia के लक्षण पहचानें
प्रशासन ने शीतदंश और Hypothermia के लक्षणों को गंभीरता से लेने की सलाह दी है। यदि हाथ-पैरों की उंगलियां, कान की लौ या नाक की ऊपरी सतह सफेद या पीली पड़ने लगे, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
इसी तरह अनियंत्रित कंपकंपी, बोलने में कठिनाई, अत्यधिक नींद आना, मांसपेशियों में अकड़न और सांस लेने में परेशानी Hypothermia के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर देरी न करें और तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
आपातकालीन तैयारी भी जरूरी
डीसी आयुष सिन्हा ने कहा कि यह भी सुनिश्चित करें कि आपातकालीन आपूर्ति जैसे दवाइयां, कंबल और जरूरी सामान आसानी से उपलब्ध हों। प्रशासन का उद्देश्य है कि कोई भी व्यक्ति ठंड के कारण असुरक्षित न रहे।
