- प्रिंस की बलि का खुलासा, Crime Branch CIA की बड़ी सफलता
- तांत्रिक सिद्धि के लिए बच्चे की हत्या, पति-पत्नी सहित आरोपी काबू
- कामी माजरा हत्याकांड: एक साल बाद पुलिस ने सुलझाई गुत्थी
- खेत के ट्यूबवेल से मिली थी लाश, अब सामने आई खौफनाक साजिश
- DSP Rajat Gulia ने किया सनसनीखेज खुलासा
यमुनानगर में अंधविश्वास की एक दिल दहला देने वाली घटना का खुलासा हुआ है, जहां तांत्रिक सिद्धि प्राप्त करने के लिए पांच साल के मासूम बच्चे की हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज मामले में Crime Branch CIA-1 की टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। यह वही मामला है, जिसने जुलाई 2025 में पूरे इलाके को झकझोर दिया था।
हत्या की गुत्थी सुलझाने के निर्देश
30 जुलाई 2025 को गांव कामी माजरा में पांच साल के मासूम प्रिंस की हत्या के बाद जिला पुलिस को आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के सख्त निर्देश दिए गए थे। इस जघन्य वारदात की जांच अपराध शाखा-1 को सौंपी गई, जिसने लगातार सुराग जुटाते हुए आखिरकार हत्यारों तक पहुंच बनाई।
तांत्रिक की गिरफ्तारी से टूटा राज
DSP Rajat Gulia ने बताया कि अपराध शाखा-1 के प्रभारी उप-निरीक्षक राज कुमार के नेतृत्व में, SI Satender Kumar की अगुवाई में टीम ने बीते दिन हमीदा हेड के पास से एक तांत्रिक को काबू किया। उसकी पहचान शिव कुमार उर्फ सोनी, निवासी यमुनानगर के रूप में हुई। पूछताछ के दौरान उसने इस जघन्य अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।
पत्नी और नाबालिग रिश्तेदार भी शामिल
पुलिस पूछताछ में शिव कुमार उर्फ सोनी ने कबूल किया कि उसने यह हत्या तांत्रिक सिद्धि के उद्देश्य से की थी। इस साजिश में उसकी पत्नी भारती और उसके दो नाबालिग रिश्तेदार भी शामिल थे। आरोपी की निशानदेही पर सोमवार सुबह पुलिस ने उसकी पत्नी भारती को भी गिरफ्तार कर लिया।
कैसे हुई थी मासूम की हत्या
पुलिस के अनुसार, 31 जुलाई 2025 को गांव कामी माजरा के रकबे में एक खेत में बने ट्यूबवेल की हौदी से प्रिंस पुत्र रविंद्र की लाश बरामद हुई थी। जांच में सामने आया कि अज्ञात लोगों ने पहले बच्चे का गला दबाकर उसकी हत्या की और फिर सबूत छिपाने के इरादे से शव को ट्यूबवेल के हौद में फेंक दिया था। इस मामले में थाना सदर यमुनानगर में हत्या का केस दर्ज किया गया था।
पुलिस रिमांड पर आरोपी
गिरफ्तार किए गए पति-पत्नी को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि इस अपराध में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और पूरी साजिश का खुलासा किया जा सके। पुलिस का कहना है कि अंधविश्वास के नाम पर अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
