New Delhi। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में बांग्लादेशी क्रिकेटर Mustafizur Rahman को Kolkata Knight Riders (KKR) में शामिल किए जाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस मुद्दे पर अब कथावाचक Jagadguru Swami Rambhadracharya ने अभिनेता और KKR के सह-मालिक Shah Rukh Khan पर तीखा हमला बोला है।
स्वामी रामभद्राचार्य का बयान
मीडिया से बातचीत के दौरान स्वामी रामभद्राचार्य ने शाहरुख खान के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि आईपीएल जैसी भारतीय लीग में बांग्लादेशी खिलाड़ी को शामिल करना उचित नहीं है।
उन्होंने शाहरुख खान को लेकर तीखे शब्दों का प्रयोग करते हुए उनके निर्णयों पर सवाल खड़े किए। यह बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है।
स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा, ‘शाहरुख खान कोई हीरो नहीं हैं। उसका कोई चरित्र नहीं है। इसमें कोई नई बात नहीं है। उसके सारे काम एक गद्दार जैसे रहे हैं। उसके सारे कृत्य हमेशा से देश विरोधी रहे हैं।’
देवकीनंदन ठाकुर पहले ही जता चुके हैं आपत्ति
इससे पहले कथावाचक Devkinandan Thakur भी इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी जता चुके हैं। उन्होंने सार्वजनिक मंच से कहा था कि बांग्लादेशी क्रिकेटरों को भारत में खेलने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
उन्होंने KKR द्वारा मुस्तफिजुर रहमान को खरीदे जाने पर सवाल उठाते हुए टीम के बहिष्कार की चेतावनी तक दे दी थी। ठाकुर का कहना था कि फ्रेंचाइजी को यह निर्णय दोबारा सोचना चाहिए।
उज्जैन से भी उठी विरोध की आवाज
मध्य प्रदेश के Ujjain में भी कुछ धार्मिक नेताओं ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि बांग्लादेशी खिलाड़ी को IPL में खेलने दिया गया, तो विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
इन बयानों में न केवल Mustafizur Rahman, बल्कि KKR के सह-मालिक Shah Rukh Khan को भी निशाने पर लिया गया।
कौन हैं मुस्तफिजुर रहमान
मुस्तफिजुर रहमान बांग्लादेश क्रिकेट टीम के प्रमुख तेज गेंदबाजों में से एक हैं। वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी Cutter Bowling के लिए पहचाने जाते हैं।
KKR ने उन्हें टीम की रणनीतिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शामिल किया है, ताकि गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती दी जा सके।
फ्रेंचाइजी और खिलाड़ी की चुप्पी
इस पूरे विवाद पर अब तक न तो KKR Management की ओर से और न ही Mustafizur Rahman या Shah Rukh Khan की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।
फ्रेंचाइजी की चुप्पी के बीच यह मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है और आने वाले दिनों में इस पर और प्रतिक्रियाएं आने की संभावना है।
खेल और राजनीति के बीच खिंची रेखा
यह विवाद एक बार फिर खेल और राजनीति के टकराव को उजागर करता है। IPL जैसे वैश्विक मंच पर खिलाड़ियों का चयन आमतौर पर प्रदर्शन और रणनीति के आधार पर होता है, लेकिन इस बार मामला राष्ट्रीय और भावनात्मक बहस का रूप ले चुका है।
