39वां सूरजकुंड क्राफ्ट मेला: कैलाश खेर के गीतों ने बांधा समां, कैलाश खेर के भक्ति और सूफी गीतों से भक्तिमय हुआ सूरजकुंड मेला, सूरजकुंड (फरीदाबाद) में आयोजित 39वें अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले की सोमवार शाम पूरी तरह संगीत और संस्कृति के नाम रही। विश्व प्रसिद्ध गायक Kailash Kher ने अपनी दमदार आवाज और भावपूर्ण प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। जैसे ही उन्होंने मंच संभाला, पूरा मेला परिसर तालियों और उत्साह से गूंज उठा। यह आयोजन Surajkund International Crafts Mela की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करता नजर आया। पर्यटन मंत्री ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ हरियाणा के विरासत एवं पर्यटन मंत्री Dr. Arvind Kumar Sharma ने बतौर मुख्य अतिथि किया। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी डॉ. रीटा शर्मा और परिवार के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। मंच पर कलाकार का भव्य स्वागत किया गया और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के तहत उन्हें पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और दर्शकों ने कलाकार का गर्मजोशी से स्वागत किया। यह आयोजन हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। सुपरहिट और भक्ति गीतों से सजी संध्या कैलाश खेर ने बाहुबली फिल्म का लोकप्रिय गीत “कौन है वो…” सहित कई प्रसिद्ध गीत प्रस्तुत किए। उन्होंने “तेरे नाम से जी लूं”, “टूटा टूटा एक परिंदा” और “हीरे मोती मैं ना चाहूं” जैसे गीतों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने “सुनो मेरी भोले नाथ जी” भक्ति गीत की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को आध्यात्मिक रंग भी दिया। दर्शकों ने हर गीत पर तालियों और उत्साह से प्रतिक्रिया दी। यह प्रस्तुति Live Concert Performance का शानदार उदाहरण रही। सूरजकुंड मेला बना वैश्विक पहचान का मंच पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि कैलाश खेर जैसे कलाकार का सम्मान पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि उनकी आवाज में भारत की संस्कृति और आध्यात्मिकता की झलक मिलती है। उन्होंने बताया कि 1987 में शुरू हुआ यह मेला आज प्रधानमंत्री Narendra Modi और मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini के मार्गदर्शन में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। पिछले वर्ष जहां 44 देशों ने भाग लिया था, वहीं इस वर्ष 50 से अधिक देशों की भागीदारी दर्ज की गई है। इससे Global Cultural Event के रूप में मेले की पहचान मजबूत हुई है। हादसे का जिक्र और बहादुर अधिकारी को श्रद्धांजलि डॉ. शर्मा ने हाल ही में हुए हादसे का जिक्र करते हुए कहा कि प्रशासन, पुलिस और पर्यटन विभाग की तत्परता से स्थिति को संभाल लिया गया। उन्होंने शहीद इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद को श्रद्धांजलि देते हुए उनके साहस को नमन किया। कलाकारों और शिल्पकारों के समर्थन की अपील पर्यटन मंत्री ने पर्यटकों से अपील की कि वे मेले में आकर शिल्पकारों से मिलें, उनके उत्पाद खरीदें और उनका उत्साह बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में ऐसे आयोजन अहम भूमिका निभाते हैं। ये भी पढ़ें फरीदाबाद: गली में पानी जमा होने पर चले लात-घूंसे, तीन आरोपी गिरफ्तार https://hintnews.com/faridabad-kicks-and-punches-were-exchanged-over-waterlogging-in-the-street-three-accused-arrested/ फरीदाबाद: नीमका जेल में आतंकी अब्दुल की मौत, बजरंग दल ने मिठाइयां बांटकर मनाया जश्न फरीदाबाद: नीमका जेल में आतंकी अब्दुल…
Read MoreTag: #FaridabadEvents
सूरजकुंड शिल्प मेला 2026: थाईलैंड के स्टॉल पर क्यों उमड़ रही है भीड़
फरीदाबाद स्थित सूरजकुंड में आयोजित 39वां अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला इस वर्ष वैश्विक सांस्कृतिक विविधता और स्थानीय कला के अनूठे संगम का प्रतीक बनकर उभरा है। खास तौर पर थाईलैंड की स्टॉल ने पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है, जहां विदेशी संस्कृति और पारंपरिक हस्तशिल्प का शानदार प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। सूरजकुंड मेला 2026: वैश्विक पहचान की ओर बढ़ता सांस्कृतिक आयोजन फरीदाबाद के सूरजकुंड में 31 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक आयोजित 39वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला वैश्विक स्तर पर भारत की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत…
Read Moreसूरजकुंड मेले में छाया हरियाणवी पगड़ी का क्रेज, गर्ल्स भी बंधवा रहीं पगड़ी
39वें सूरजकुंड शिल्प मेले में ‘पगड़ी बंधाओ-फोटो खिंचवाओ’ बना आकर्षण हरियाणा संस्कृति का प्रतीक बनी पगड़ी, देश-विदेश से आए पर्यटक आकर्षित आधुनिक दौर में परंपरा की वापसी, मेले में पगड़ी का बढ़ता क्रेज पगड़ी के जरिए दिख रही हरियाणा की सांस्कृतिक पहचान की झलक फरीदाबाद में आयोजित 39वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले में इस बार हरियाणवी संस्कृति का अनूठा रंग देखने को मिल रहा है। खासकर हरियाणवी पगड़ी पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। लड़के तो लड़के, लड़कियां भी पगड़ी बंधवा रही हैं। सूरजकुंड मेले में हरियाणवी…
Read More