- ऑनलाइन निवेश के नाम पर लाखों की ठगी,
- शेयर मार्केट में मोटे मुनाफे का लालच देकर 73.97 लाख की ठगी,
- प्री-IPO और स्टॉक निवेश के झांसे में फंसा युवक, साइबर ठगों तक पहुंची पुलिस की जांच,
- ठगी की रकम वाले बैंक खातों की कड़ी जोड़कर दो आरोपी गिरफ्तार,
फरीदाबाद में शेयर मार्केट निवेश के नाम पर 73,97,600 रुपये की साइबर ठगी के मामले में साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपितों को सीतापुर, बिहार से गिरफ्तार किया। आरोपितों की पहचान राम हर्ष (34) और हर्षित (23) निवासी जिला सीतापुर उत्तरप्रदेश के रूप में हुई है।
WhatsApp लिंक के जरिए शुरू हुआ था ठगी का खेल
पुलिस के अनुसार, सेक्टर-86 निवासी एक व्यक्ति ने साइबर थाना सेंट्रल में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि 19 दिसम्बर 2025 को उसके WhatsApp नंबर पर एक संदिग्ध लिंक भेजा गया था। लिंक खोलने के बाद वह एक WhatsApp ग्रुप से जुड़ गया।
इस ग्रुप में मौजूद साइबर ठगों ने खुद को निवेश विशेषज्ञ बताकर पीड़ित को Stocks, Pre-IPO और Block Deals में निवेश करने का झांसा दिया। ठगों ने दावा किया कि इन योजनाओं में पैसा लगाने से कम समय में काफी अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है।
पीड़ित उनके झांसे में आ गया और दिसम्बर 2025 से जनवरी 2026 के बीच अलग-अलग बैंक खातों में कुल 73,97,600 रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब निवेश और लाभ से जुड़ी कोई जानकारी नहीं मिली तो उसे अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला।
साइबर थाना सेंट्रल ने दर्ज किया मामला
शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना सेंट्रल में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने बैंक खातों, ट्रांजैक्शन और आरोपितों से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों की व्यवस्था करने में कई लोग शामिल थे। इसी कड़ी में पुलिस ने राम हर्ष और हर्षित को गिरफ्तार किया।
बैंक खातों की सप्लाई से जुड़े थे आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया कि राम हर्ष ने बलराम राठौर का बैंक खाता आगे हर्षित को उपलब्ध कराया था। इसके बाद हर्षित ने यही खाता साइबर ठगों तक पहुंचाया। पुलिस के अनुसार, इस खाते में ठगी की रकम में से 6,50,000 रुपये आए थे।
पुलिस ने इससे पहले खाताधारक बलराम को 17 जून को गिरफ्तार किया था, जिसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था। मामले में शामिल तीनों आरोपितों को अब जेल भेज दिया गया है।
साइबर अपराधों पर पुलिस की निगरानी जारी
साइबर थाना सेंट्रल की टीम मामले में आगे की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं और ठगी की रकम किन-किन खातों में भेजी गई।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन निवेश से जुड़े किसी भी ऑफर में सावधानी बरतें। किसी अनजान WhatsApp ग्रुप, लिंक या व्यक्ति के कहने पर निवेश न करें और अधिक लाभ का लालच देने वाली योजनाओं की सत्यता जरूर जांचें।
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Fraud worth lakhs committed in the name of online investment,
₹73.97 lakh swindled by luring the victim with promises of huge profits in the stock market,
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