- किसानों की सिंचाई ने रोकी रफ्तार: मंझावली पुल पर सफर हुआ दुश्वार, घंटों अटके रहे लोग।
- यूपी सीमा में पक्की सड़क नहीं, फरीदाबाद के हजारों लोग रोजाना झेल रहे हैं जाम का झाम।
- फरीदाबाद प्रशासन से गुहार: ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी से करें बात, मंझावली मार्ग का हो समाधान।
- धक्का मारकर निकाली गईं गाड़ियां: मंझावली-ग्रेटर नोएडा बॉर्डर पर कीचड़ ने किया बुरा हाल।
फरीदाबाद/ग्रेटर नोएडा। फरीदाबाद और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला Manjhawali Yamuna Bridge इन दिनों राहगीरों के लिए सुविधा से ज्यादा मुसीबत का सबब बन गया है। शुक्रवार दोपहर को मंझावली पुल के रास्ते Greater Noida की ओर जाने वाले सैकड़ों वाहन चालक उस वक्त संकट में पड़ गए, जब उत्तर प्रदेश की सीमा में स्थित कच्चे रास्तों पर भारी Waterlogging हो गई।
खेतों के पानी ने बदला रास्तों का मिजाज
स्थानीय लोगों के अनुसार, Manjhawali Bridge के बाद उत्तर प्रदेश के हिस्से में अभी तक Metalled Road यानी पक्की सड़क का निर्माण नहीं हुआ है। वर्तमान में लोग किसानों के खेतों के बीच से निकले Unpaved Roads का सहारा लेते हैं।
किसानों ने फसलों की सिंचाई के लिए खेतों में पानी छोड़ा हुआ है, जिससे यह कच्चा रास्ता पूरी तरह Marshy (दलदल) में तब्दील हो गया। इसके परिणामस्वरूप छोटे-बड़े वाहन बीच रास्ते में ही धंस गए और देखते ही देखते वाहनों की लंबी कतार लग गई।
दफ्तर जाने वाले और आम जनता बेहाल
इस जाम में सबसे ज्यादा परेशानी Office Employees और दोपहिया वाहन चालकों को हुई। कीचड़ इतना गहरा था कि कई बाइक सवार गिरते-पड़ते बचे। लोगों को अपनी गाड़ियां धक्का लगाकर निकालने की कोशिश करते देखा गया, लेकिन फिसलन के कारण स्थिति बिगड़ती चली गई।
घंटों तक Traffic Congestion की स्थिति बनी रही और लोग प्रशासन को कोसते नजर आए।
ग्रेटर नोएडा प्रशासन की अनदेखी
स्थानीय निवासियों और यात्रियों का आरोप है कि Greater Noida Administration ने अपने हिस्से की सड़क बनाने में भारी लापरवाही बरती है। फरीदाबाद की ओर से ढांचा तैयार है, लेकिन यूपी सीमा में सड़क न होने से सारा निवेश और प्रयास विफल साबित हो रहे हैं।
लोगों का कहना है कि Faridabad Administration को तुरंत Greater Noida Authority और संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर इस सड़क के निर्माण में तेजी लानी चाहिए ताकि रोजाना का यह संकट खत्म हो सके।
किसानों ने खुद संभाला मोर्चा
जब प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं पहुंची, तो स्थानीय Farmers ने ही पहल की। किसानों ने कड़ी मशक्कत के बाद पानी की निकासी के लिए अस्थायी रास्ता बनाया। इसके बाद ही Traffic Flow धीरे-धीरे सामान्य हो सका। हालांकि, धूल और कीचड़ की समस्या अब भी बनी हुई है, जो किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही है।
यह समस्या Manjhawali Yamuna Bridge Connectivity और Infrastructure Issues को रेखांकित करती है। फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा के बीच की यह महत्वपूर्ण लिंक रोड UP Government की अनदेखी का शिकार है। इस मुद्दे पर Inter-state Coordination की तुरंत आवश्यकता है ताकि Commuters को राहत मिल सके।
