भीषण गर्मी में बच्चों को हीट स्ट्रोक से बचाना आवश्यक

गर्मी का मौसम शुरू होते ही बच्चों में हीट स्ट्रोक एवं डिहाइड्रेशन के मामले तेजी से बढ़ने लगते हैं। अत्यधिक तापमान बच्चों के शरीर पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है, इसलिए अभिभावकों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

 

एसएसबी हार्ट एंड मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल की प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अंजलि जैन ने बताया कि बच्चों का शरीर वयस्कों की अपेक्षा गर्मी को कम सहन कर पाता है, जिसके कारण उनमें हीट स्ट्रोक का खतरा अधिक रहता है। डॉ. अंजलि जैन के अनुसार यदि किसी बच्चे में तेज बुखार, अत्यधिक पसीना अथवा शुष्क एवं गर्म त्वचा, चक्कर आना, उल्टी, सिरदर्द, तीव्र श्वसन, भ्रम की स्थिति या अचेतना जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।

 

डॉ. अंजलि जैन ने कहा कि समय पर सतर्कता एवं उचित देखभाल के माध्यम से हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या से बच्चों को सुरक्षित रखा जा सकता है।

 

अभिभावकों को सलाह

 

  • बच्चों को दिनभर पर्याप्त पानी पिलाएं
  • दोपहर 11 बजे से 4 बजे तक धूप में खेलने से बचाएं
  • हल्के रंग के सूती कपड़े पहनाएं
  • बाहर जाते समय टोपी, छाता एवं चश्मे का प्रयोग करें
  • बच्चों को बंद गाड़ी में अकेला न छोड़ें
  • नारियल पानी, नमकीन लस्सी, शिकंजी एवं ताजे फलों जैसे तरबूज, खरबूजा आदि का सेवन करवाएं
  • कोल्ड ड्रिंक्स एवं जंक फूड से बचें क्योंकि कोल्ड ड्रिंक्स में अत्यधिक शुगर, कृत्रिम रंग एवं कैफीन होने के कारण शरीर में डिहाइड्रेशन बढ़ सकता है। ये पेय पदार्थ कुछ समय के लिए ठंडक तो देते हैं, लेकिन शरीर को आवश्यक पोषण एवं ऊर्जा नहीं प्रदान करते।
  • इसी प्रकार जंक फूड जैसे बर्गर, पिज्जा, चिप्स एवं फाइड आइटम पाचन पर अतिरिक्त बोझ डालते हैं, जिससे बच्चों में सुस्ती, पेट खराब, गैस एवं थकान जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
Visited 7 times, 7 visit(s) today

Related posts

Leave a Comment