नायब सैनी सरकार का बड़ा फैसला, सशस्त्र बलों के परिवारों को शिक्षा में राहत सरकार की नई छात्रवृत्ति योजना लागू, शहीदों के बच्चों को मासिक सहायता CAPF शहीदों के बच्चों को मिलेगा शैक्षणिक संबल, हरियाणा में योजना लागू कैबिनेट मंजूरी के बाद लागू हुई छात्रवृत्ति योजना, नोटिफिकेशन जारी चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने सशस्त्र बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के केसरिया (बलिदानी) तथा युद्ध या ऑपरेशन में हताहत हुए सैनिकों के बच्चों के लिए एक नई छात्रवृत्ति योजना को औपचारिक रूप से लागू कर दिया है। इस योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को 5,000 रुपये से लेकर 8,000 रुपये प्रति माह तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसे लेकर सैनिक और अर्धसैनिक कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार की ओर से आधिकारिक Notification जारी कर दी गई है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू हुई योजना यह योजना जून 2025 में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूर की गई थी। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने विधानसभा चुनावों से पहले अपने संकल्प पत्र में शहीद सैनिकों के बच्चों के लिए शिक्षा सहायता देने का वादा किया था। अब नोटिफिकेशन जारी होने के साथ ही यह योजना राज्य में प्रभावी हो गई है। कक्षा 6 से पोस्ट ग्रेजुएशन तक मिलेगा लाभ नोटिफिकेशन के अनुसार, कक्षा 6 से 12 तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्रति वर्ष 60,000 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी। ग्रेजुएशन स्तर के छात्रों को 72,000 रुपये प्रति वर्ष और पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहे विद्यार्थियों को 96,000 रुपये प्रति वर्ष की सहायता मिलेगी। इस प्रकार यह योजना स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक निरंतर सहयोग प्रदान करेगी। किन परिस्थितियों में मिलेगा योजना का लाभ इस छात्रवृत्ति योजना का लाभ उन सैनिकों और CAPF कर्मियों के बच्चों को मिलेगा, जो युद्ध, आईईडी विस्फोट, आतंकवादी हमले, सीमा पर झड़पों, हृदय गति रुकने, हवाई दुर्घटना, समुद्र में मृत्यु, आंतरिक सुरक्षा ड्यूटी, प्राकृतिक आपदाओं या बचाव अभियानों के दौरान शहीद या हताहत हुए हैं। सरकार का मानना है कि इन सभी परिस्थितियों में सैनिकों को असाधारण साहस और त्वरित निर्णय क्षमता का प्रदर्शन करना पड़ता है। हरियाणा निवासी होने की शर्त पॉलिसी में यह स्पष्ट किया गया है कि योजना का लाभ लेने के लिए मृतक सैनिक या कर्मी का सेवा में शामिल होते समय हरियाणा का निवासी होना अनिवार्य है। वर्तमान में उनका निवास स्थान कहीं भी हो, इससे पात्रता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह प्रावधान राज्य के मूल निवासियों के परिवारों को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से किया गया है।…
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