फरीदाबाद। लोभ, क्रोध, ईष्र्या जिंदगी में तनाव पैदा करते हैं, तनाव जिंदगी के साथ दूसरा चिपका हुआ शब्द है, क्योंंकि इस भौतिक युग में हर तरफ व्यक्ति नंबर वन बनने की होड़ में लगा हुआ है इस कारण उसका मन और मस्तिष्क दोनों चिंतित रहते हैं। इससे ईष्र्या को बल मिलता है। अज्ञान, क्रोध, लोभ की अग्रि वह अग्नि है जो मनुष्य को स्वयं जलाती है। यह बात एनआईटी स्थित दशहरा ग्राउंड में ऋषि चैतन्य विजन फरीदाबाद द्वारा आयोजित चार दिवसीय ज्ञान, भक्ति, योग की अमृतवर्षा समागम के तीसरे दिन…
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