फरीदाबाद। नगर निगम फरीदाबाद ने शहर में चल रहे अवैध मीट कारोबार के खिलाफ निर्णायक कदम उठाते हुए सख्त रुख अपना लिया है। निगम आयुक्त Municipal Commissioner धीरेंद्र खड़गटा के दिशा-निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग न केवल निरीक्षण कर रहा है, बल्कि व्यापारियों को नियमों का सख्ती से पालन करने की स्पष्ट चेतावनी भी दी जा रही है।
इसी कड़ी में बुधवार को नगर निगम कार्यालय में मीट व्यापारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें स्वास्थ्य अधिकारी Dr. Nitish Parwal ने सभी नियमों को विस्तार से समझाया।
बिना लाइसेंस मीट कारोबार अब नहीं चलेगा
बैठक में स्वास्थ्य अधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि नगर निगम से Valid License लिए बिना मीट का कोई भी व्यापार पूरी तरह अवैध है। ऐसे दुकानदारों के खिलाफ अब केवल चेतावनी नहीं, बल्कि सीधी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि फरीदाबाद में मुर्गा और बकरा दुकानदार स्वयं पशु वध नहीं कर सकते। मीट केवल निगम द्वारा अधिकृत Authorized Slaughter House से ही खरीदा जा सकता है। खुले में या अवैध तरीके से किया गया कटान कानूनन अपराध है।
खुले में कटान बना Biohazard, जनता के स्वास्थ्य पर खतरा
स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में यह सामने आया कि कई Meat Shops, Hotels, Restaurants और Cloud Kitchens बिना लाइसेंस के संचालित हो रहे हैं। इनमें मीट का भंडारण बेहद Unhygienic Conditions में किया जा रहा था।
डॉ. नीतीश परवाल ने कहा कि खुले में मीट की कटाई और उससे निकलने वाले कचरे का गलत निपटान एक गंभीर Biohazard है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
काले शीशे और दूरी का नियम अनिवार्य
नगर निगम ने मीट दुकानों के लिए कई स्पष्ट शर्तें तय की हैं। सभी दुकानों पर काले शीशे लगाना अनिवार्य किया गया है, ताकि खुले में मीट प्रदर्शित न हो और स्वच्छता बनी रहे।
इसके अलावा स्कूल, कॉलेज और मंदिर से कम से कम 200 मीटर की दूरी पर ही मीट दुकान खोली जा सकती है। इस नियम का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के License Application स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
हरियाणा नगर निगम अधिनियम के तहत सख्ती
अधिकारियों ने बताया कि Haryana Municipal Corporation Act 1994 और Trade Bye-laws 2008 के तहत बिना लाइसेंस मांस की बिक्री, भंडारण और प्रसंस्करण पूरी तरह प्रतिबंधित है।
मीट से निकलने वाले कचरे का Scientific Disposal अनिवार्य है। सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकना दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
अब चेतावनी नहीं, होगी सीलिंग और जब्ती
नगर निगम ने साफ कर दिया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अब कठोर कार्रवाई होगी। अवैध रूप से चल रहे प्रतिष्ठानों को तत्काल प्रभाव से Sealing का सामना करना पड़ेगा।
दुकानों में मौजूद सामान Confiscation के तहत जब्त किया जाएगा। बिना अनुमति सील तोड़ने पर Criminal Proceedings शुरू की जाएंगी।
लाइसेंस प्रक्रिया में पारदर्शिता, 7 दिन में निपटेंगी फाइलें
बैठक में स्वास्थ्य अधिकारी ने निगम कर्मचारियों को भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी लाइसेंस आवेदनों को सात दिन के भीतर निपटाया जाए। यदि किसी आवेदन में कमी हो, तो उसे समय रहते रिजेक्ट कर कारण स्पष्ट रूप से बताया जाए।
लंबित फाइलों को लेकर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि बिना वजह आवेदन रोके रखना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Antyodaya Saral Haryana Portal से करें आवेदन
नगर निगम ने सभी मीट व्यापारियों से अपील की है कि वे कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए जल्द से जल्द Antyodaya Saral Haryana Portal के माध्यम से लाइसेंस के लिए आवेदन करें।
नगर निगम का यह अभियान शहर में एक मजबूत और सुरक्षित Safe Food Ecosystem तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
