फरीदाबाद में ग्रीन पटाखे चलाने का समय तय, जानिए कब तक चलेगी फुलझड़ी और कब तक फूटेंगे बम

  • फरीदाबाद में ग्रीन पटाखे चलाने का समय तय, जानिए कब तक चलेगी फुलझड़ी और कब तक फूटेंगे बम,
  • दिवाली पर पटाखे चलाने वालों के लिए जरूरी खबर,
  • दिवाली पर पटाखे चलाने से पहले जान लें नियम,
  • फरीदाबाद में सुबह-शाम के लिए तय हुई समय सीमा,
  • फरीदाबाद में सिर्फ दो दिन बिकेंगे ग्रीन पटाखे,
  • रात 10 बजे के बाद आतिशबाजी पर रोक,
  • अस्पतालों और स्कूलों के 300 मीटर दायरे में प्रतिबंध,
  • फरीदाबाद में बेरियम वाले पटाखे और लड़ियां प्रतिबंधित,
  • ग्रीन पटाखों की बिक्री पर प्रशासन की नजर,
  • QR कोड से होगी उत्पादों की जांच,
  • दिवाली पर पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश लागू,
  • आयुष सिन्हा ने जारी की गाइडलाइन, उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई,
  • ऑनलाइन खरीद-बिक्री पर भी रोक,
  • इको फ्रेंडली दिवाली मनाने की अपील,
  • प्रतिबंधित पटाखे मिलने पर जब्ती और लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई,

 

फरीदाबाद। दीपावली पर वायु और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित रखने के लिए फरीदाबाद में पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल को लेकर सख्त नियम लागू किए जाएंगे। जिलाधीश एवं जिला उपायुक्त आयुष सिन्हा के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में केवल निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रमाणित हरित पटाखों की बिक्री और उपयोग की अनुमति होगी। उपलब्ध कराई गई प्रशासनिक जानकारी के मुताबिक, पटाखे चलाने का समय सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक निर्धारित है। अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों और अन्य अधिसूचित साइलेंस जोन के 300 मीटर के दायरे में आतिशबाजी प्रतिबंधित रहेगी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पटाखों की बिक्री, उनके प्रमाणन और निर्धारित समय के पालन पर निगरानी रखने के लिए जिला और खंड स्तर पर टीमें गठित की गई हैं।

7 और 8 नवंबर को ही बिक्री की अनुमति

जिलाधीश आयुष सिन्हा के अनुसार, नीरी (NEERI) की वेबसाइट पर प्रमाणित हरित पटाखों की बिक्री 7 और 8 नवंबर तक ही की जा सकेगी। बिक्री केवल निर्धारित स्थानों पर और संबंधित प्राधिकरण से लाइसेंस प्राप्त कारोबारियों के माध्यम से होगी।

बिक्री के स्थानों को जिला प्रशासन की ओर से पुलिस अधीक्षक के परामर्श से चिह्नित किया जाएगा। इन स्थानों की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा, ताकि नागरिकों को अधिकृत बिक्री केंद्रों की जानकारी मिल सके।

प्रशासन और पुलिस की टीमें बाजारों में नियमित जांच करेंगी। इस दौरान यह देखा जाएगा कि दुकानदार केवल स्वीकृत उत्पाद ही बेच रहे हैं और उनके पैकेट पर आवश्यक पहचान संबंधी जानकारी उपलब्ध है।

सुबह और रात के लिए तय समय सीमा

प्रशासनिक निर्देशों के अनुसार, दीपावली से एक दिन पहले और दीपावली के दिन हरित पटाखों का उपयोग केवल निर्धारित समय में किया जा सकेगा।

सुबह: 6 बजे से 7 बजे तक।

रात: 8 बजे से 10 बजे तक।

इन समय सीमाओं के बाहर पटाखे चलाने की अनुमति नहीं होगी। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे आतिशबाजी करने से पहले लागू निर्देशों की जानकारी अवश्य लें और निर्धारित समय का पालन करें।

अस्पतालों और स्कूलों के 300 मीटर दायरे में प्रतिबंध

प्रदूषण से प्रभावित होने वाले संवेदनशील लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अस्पतालों, नर्सिंग होम, प्राथमिक एवं जिला स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों और शिक्षण संस्थानों के 300 मीटर के दायरे में पटाखे चलाने पर रोक रहेगी। यह प्रतिबंध अधिसूचित साइलेंस जोन पर भी लागू होगा।

इस व्यवस्था का उद्देश्य सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों, बुजुर्गों, बच्चों और अन्य संवेदनशील नागरिकों को पटाखों से निकलने वाले धुएं और तेज आवाज से होने वाली परेशानी से बचाना है।

QR कोड से होगी पटाखों की पहचान

पटाखों की बिक्री पर निगरानी रखने के लिए गठित टीमें उत्पादों पर दर्ज QR Code और उनके पंजीकरण की जांच करेंगी। नीरी की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी से उत्पादों का मिलान किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नामित अधिकारी भी शामिल रहेंगे।

जरूरत पड़ने पर जांच के लिए पटाखों के नमूने लिए जाएंगे और उन्हें पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) के पास भेजा जाएगा। यदि किसी उत्पाद के निर्माण या बिक्री में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। उनके लाइसेंस या पंजीकरण को रद्द करने की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है।

बेरियम वाले पटाखे, लड़ियां और ऑनलाइन बिक्री प्रतिबंधित

निर्देशों के अनुसार, बेरियम युक्त पटाखों और नीरी द्वारा हरित पटाखों के रूप में अनुमोदित नहीं किए गए उत्पादों की बिक्री तथा उपयोग की अनुमति नहीं होगी। ऐसे पटाखे किसी दुकान या व्यक्ति के कब्जे में मिलने पर जब्त किए जा सकते हैं।

इसके अलावा, पटाखों की लड़ियों के निर्माण और बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से पटाखों की खरीद-बिक्री भी प्रतिबंधित होगी। नियमों के विरुद्ध मिलने वाले उत्पादों की आपूर्ति रोकने और उन्हें जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

उल्लंघन पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई

जिला प्रशासन और पुलिस को निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी करने को कहा गया है। प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री, निर्धारित समय के बाहर आतिशबाजी या अन्य उल्लंघन मिलने पर संबंधित व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

आदेश में CAQM Act, 2021 की धारा 14 सहित अन्य लागू प्रावधानों के तहत कार्रवाई का उल्लेख किया गया है। प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देशों के अनुपालन और उल्लंघनों पर की गई कार्रवाई का रिकॉर्ड रखने के लिए भी कहा है।

आयुष सिन्हा ने की इको फ्रेंडली दीपावली मनाने की अपील

उपायुक्त आयुष सिन्हा ने नागरिकों, अधिकारियों और कर्मचारियों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए पर्यावरण के अनुकूल तरीके से त्योहार मनाने का आह्वान किया। उन्होंने निर्धारित नियमों का पालन करने और प्रदूषण कम करने में सहयोग देने की अपील की।

दीपावली के दौरान सुरक्षित और जिम्मेदार व्यवहार अपनाकर नागरिक त्योहार की खुशियों के साथ पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा में भी योगदान दे सकते हैं।

Hint News की संबंधित खबरें

फरीदाबाद में 978 किलो प्रतिबंधित पटाखे बरामद, दो आरोपी पकड़े गए

सूरजकुंड दिवाली मेला 2026: त्योहार की तैयारियों और खरीदारी से जुड़ी खबर

 

 

Visited 20 times, 20 visit(s) today

Related posts

Leave a Comment