- फरीदाबाद में स्कूल वाहनों की जांच शुरू, नियमों का पालन नहीं करने वालों पर होगी कार्रवाई,
- फरीदाबाद में 4,716 वाहनों ने कराया परिवर्तन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन, स्कूल बसों की भी जांच,
- हरियाणा के वाहन मालिकों के लिए जरूरी खबर,
- फरीदाबाद में परिवर्तन योजना को लेकर जागरूकता अभियान तेज,
- फरीदाबाद में 621 यात्री बसें और 4,095 मालवाहक वाहन परिवर्तन पोर्टल पर पंजीकृत,
- स्कूल बसों में फिटनेस से लेकर फायर सिलेंडर तक की जांच,
- वाहन मालिक जल्द कराएं परिवर्तन पोर्टल पर पंजीकरण,
- स्कूल बसों में प्राथमिक उपचार पेटी और अग्निशमन यंत्र अनिवार्य,
फरीदाबाद में वाहन पंजीकरण को बढ़ावा देने और स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण ने जागरूकता और जांच अभियान तेज किया है। जिले में परिवर्तन पोर्टल पर अब तक 4,716 वाहनों का पंजीकरण दर्ज किया गया है। इनमें 621 यात्री बसें और 4,095 मालवाहक वाहन शामिल हैं। साथ ही, सुरक्षित स्कूल वाहन नीति के तहत स्कूल वाहनों के दस्तावेजों और सुरक्षा उपकरणों की जांच की जा रही है।
परिवर्तन पोर्टल पर 4,716 वाहनों का पंजीकरण
प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण, फरीदाबाद की टीमें पात्र वाहन स्वामियों से परिवर्तन योजना के अंतर्गत पोर्टल पर पंजीकरण कराने की अपील कर रही हैं। इस दौरान वाहन मालिकों को योजना की पात्रता, जरूरी दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जा रही है।
उपलब्ध विभागीय आंकड़ों के अनुसार, पंजीकृत वाहनों में यात्री बसों की संख्या 621 है, जबकि माल ढुलाई में इस्तेमाल होने वाले 4,095 वाहन शामिल हैं। ये आंकड़े जिले में योजना के तहत अब तक हुए पंजीकरण की स्थिति दर्शाते हैं।
परिवहन विभाग का जागरूकता अभियान उन वाहन स्वामियों तक योजना की जानकारी पहुंचाने पर केंद्रित है, जो निर्धारित पात्रता के अंतर्गत आते हैं। पात्र वाहन मालिकों को पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
स्कूल बसों के दस्तावेजों की हो रही जांच
जिला परिवहन अधिकारी एवं सचिव, प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण, फरीदाबाद मुनीष सहगल ने बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित स्कूल वाहन नीति के तहत स्कूल बसों और अन्य स्कूल वाहनों की जांच की जा रही है।
जांच के दौरान वाहनों के Fitness Certificate, परमिट और बीमा की वैधता देखी जा रही है। इसके साथ ही चालक के लाइसेंस की जांच की जाती है। विभागीय टीमें यह भी सुनिश्चित कर रही हैं कि वाहनों में प्राथमिक उपचार पेटी, अग्निशमन यंत्र और परिचर की व्यवस्था उपलब्ध हो।
इन जांचों का उद्देश्य स्कूल आने-जाने वाले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और वाहनों में जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता की पड़ताल करना है। स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालकों की जिम्मेदारी है कि वे निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करें।
वाहन मालिकों और स्कूल प्रबंधन से अपील
मुनीष सहगल ने पात्र वाहन स्वामियों से परिवर्तन पोर्टल पर पंजीकरण कराने का आग्रह किया है। उन्होंने स्कूल प्रबंधनों और वाहन संचालकों से वाहनों के सभी दस्तावेज वैध रखने तथा सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच करने को कहा है।
उन्होंने सुरक्षित स्कूल वाहन नीति के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। स्कूल बसों की फिटनेस, बीमा, परमिट और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं में लापरवाही बच्चों की सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकती है।
परिवहन नियमों का पालन जरूरी
परिवर्तन पोर्टल पर पंजीकरण और स्कूल वाहनों की जांच, दोनों ही परिवहन व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण पहलू हैं। वाहन स्वामियों को अपनी पात्रता के अनुसार पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। वहीं, स्कूल प्रबंधन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहन वैध दस्तावेजों और आवश्यक सुरक्षा सुविधाओं के साथ संचालित हों।
परिवहन विभाग की ओर से चलाए जा रहे इन प्रयासों का उद्देश्य नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था को प्रोत्साहित करना है।
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