- फरीदाबाद में जमीन खरीदने वालों से लाखों की ठगी,
- फर्जी दस्तावेज बनाकर किया गया एग्रीमेंट,
- जमीन का सौदा, 40 लाख का ब्याना और फिर खुला राज,
- 1.62 करोड़ की जमीन का सौदा निकला फर्जी,
- 40 लाख लेने के बाद दूसरी जमीन के नाम पर भी ठगी,
फरीदाबाद। रिवाजपुर में जमीन खरीदने के नाम पर लाखों रुपये के लेन-देन के बाद कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि जमीन का सौदा ऐसे व्यक्तियों ने किया, जिनके नाम पर संबंधित जमीन थी ही नहीं। मामला सामने आने के बाद दूसरी जमीन दिलाने के नाम पर भी रकम लिए जाने की शिकायत हुई। आर्थिक अपराध शाखा सेंट्रल ने जांच के बाद इस मामले में एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसे 20 अगस्त को बलिया, उत्तर प्रदेश से पकड़ा।
आर्थिक अपराध शाखा सेंट्रल की कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपित की पहचान रमेश पांडे निवासी गांव कपूरी, जिला बलिया, उत्तर प्रदेश, हाल निवासी जलवायु विहार, सेक्टर-77, फरीदाबाद के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार मामले में धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है।
पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक आर्थिक अपराध शाखा सेंट्रल की टीम ने मामले की जांच के दौरान आरोपित की तलाश की और उसके मूल स्थान बलिया में कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया।
2610 वर्ग गज जमीन का हुआ था सौदा
पुलिस को दी शिकायत में हर्ष त्यागी निवासी घरौडा, फरीदाबाद ने बताया कि उसने अपने दोस्त के साथ मिलकर रिवाजपुर, फरीदाबाद में 2610 वर्ग गज जमीन खरीदने का सौदा किया था। जमीन की कुल कीमत करीब 1.62 करोड़ रुपये तय होने की बात शिकायत में कही गई है।
इस सौदे के दौरान आरोपित पक्ष को करीब 40 लाख रुपये बतौर ब्याना दिए गए। इसके बाद शिकायतकर्ता ने जमीन के दस्तावेज और मालिकाना हक की जांच कराई। इसी प्रक्रिया में कथित तौर पर पता चला कि जिस जमीन का सौदा किया गया था, वह आरोपितों के नाम पर थी ही नहीं।
पहली जमीन का मामला खुला तो दूसरी जमीन का भरोसा
शिकायत के अनुसार पहली जमीन से जुड़ी वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद आरोपित पक्ष ने दूसरी जमीन उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। इसके बाद 1452 वर्ग गज जमीन के लिए करीब 1.17 करोड़ रुपये का सौदा तय किया गया।
इस दूसरे सौदे के सिलसिले में शिकायतकर्ता की ओर से 14.70 लाख रुपये और दिए जाने की बात सामने आई है। इस तरह दोनों लेन-देन को मिलाकर शिकायतकर्ता से करीब 54.70 लाख रुपये बतौर ब्याना लिए जाने का आरोप है।
दूसरे सौदे के दस्तावेजों पर भी उठे सवाल
बाद में दूसरी जमीन से संबंधित दस्तावेजों की जांच कराई गई। शिकायतकर्ता के अनुसार इन दस्तावेजों में भी कथित तौर पर अनियमितता और धोखाधड़ी सामने आई। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दी गई।
शिकायत के आधार पर थाना सेंट्रल में धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने सहित संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच की जिम्मेदारी आर्थिक अपराध शाखा सेंट्रल को सौंपी गई।
जमीन मालिक के नाम से फर्जी दस्तावेज का आरोप
जांच के दौरान पुलिस को आरोपितों द्वारा जमीन मालिक उदयवीर सिंह चौहान के नाम से कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाने की जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार इन दस्तावेजों पर उदयवीर सिंह चौहान के नाम से फर्जी हस्ताक्षर भी किए गए थे।
इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर शिकायतकर्ता के नाम पर एग्रीमेंट तैयार करवाए जाने की बात जांच में सामने आई है। पुलिस अब दस्तावेज तैयार करने की पूरी प्रक्रिया और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
अन्य आरोपितों और पैसों के लेन-देन की जांच जारी
रमेश पांडे की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। जांच का फोकस मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों, कथित फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले लोगों और रकम के लेन-देन से जुड़े तथ्यों पर है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जमीन के सौदे से जुड़े दस्तावेज किस स्तर पर तैयार किए गए और शिकायतकर्ता से प्राप्त रकम का इस्तेमाल कहां किया गया। मामले में आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
Thanks & High Regards:
راکیش چوراسيا
राकेश बी. चौरासिया
RAKESH B. CHAURASIA
