गुरु पूर्णिमा के दिन हर की पौड़ी हरिद्वार में कराएं सत्यनारायण कथा एवं ब्राह्मण भोज

 

हिन्दू धर्म में सत्यनारायण की कथा को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रत्येक शुभ कार्य से पूर्व सत्यनारायण की कथा का पाठ किया जाता है। सत्यनारायण विष्णु भगवान का वह स्वरुप है , जिनके विषय में मान्यता है की उनकी पूजा करने से व्यक्ति को सुख – समृद्धि की प्राप्ति होती है। इनकी पूजा से समस्त प्रकार की परेशानियां दूर हो जाती है। सत्यनारायण के रूप में विष्णु भगवान का अनुष्ठान करने से व्यक्ति के सभी दुखों का अंत होता है। गुरु शब्द का अर्थ होता है अंधकार को मिटाने वाला। गुरु विष्णु स्वयं ही अपने भक्तों की रक्षा करते है और साथ ही उनका मार्ग दर्शन भी करते है।
कहा जाता है की यदि व्यक्ति के जीवन में किसी बड़े संकट का साया हो तो उन्हें सत्यनारायण कथा का पाठ जरूर करवाना चाहिए। इससे संकट का खतरा टल जाता है और व्यक्ति को सुखद जीवन की अनुभूति होती है। सत्यनारायण कथा के पश्चात ब्राह्मण भोज का आयोजन बहुत कल्याणकारी होता है। ईश्वर के साथ -साथ व्यक्ति को ब्राह्मणों का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है। ब्राह्मणों को ईश्वर के सबसे निकट माना जाता है। इसलिए उनका आशीर्वाद कुशल जीवन के लिए बहुत जरुरी होता है।

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